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प्यार की रौशनी Pyar Ki Roshani

प्यार की रौशनी 



प्यार की रौशनी से रोशन है ये दिल,
तेरे बिना ये जीवन है बिल्कुल बेदिल।
तू ही है मेरी धड़कनों का सबब,
तू ही है मेरा प्यार, मेरी वजह।

तेरे प्यार ने दिया है एक नई रोशनी,
हर मुश्किल को किया है तूने आसान की निशानी।
तेरे बिना ये दुनिया लगे अधूरी,
तू हो तो खुशियों से भर जाए हर पूरी।

पर तेरे बिना हर खुशी है खोई-खोई,
दिल में एक खालीपन जो रहे बस रौशनी।
प्यार ने दी है एक नई पहचान,
पर उसके बिना दिल है बिल्कुल परेशान।

तेरे साथ हो तो जीवन लगे गुलज़ार,
हर दिन एक नयी सुबह, एक नया त्यौहार।
पर जब दूर हो, हर लम्हा है बेकाबू,
दिल को सुकून नहीं, हर पल हो जाता है बेमिसाल।

अब तुझमें है मेरी हर एक आस,
तेरे बिना ये दिल है बिल्कुल उदास।
प्यार की रौशनी से जिया हर पल,
तेरे बिना ये जीवन लगे बिल्कुल सूनापन का हल।


This poem reflects both the beauty and challenges of love. On the one hand, love brings joy, purpose, and brightness to life, making even difficult times bearable. On the other hand, in the absence of that love, the heart feels empty and restless, revealing how much one depends on the beloved for happiness.

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