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बसेरा Basera

 बसेरा



तेरे सपनों में खो जाता हूँ रातों में,
तेरा साथ पाता हूँ इन ख्वाबों में।
तेरे बिना कोई सपना नहीं मेरा,
तू ही है मेरे प्यार का बसेरा।

रातों की खामोशी में तेरी बात सुनाई देती,
तेरी छवि मेरी आँखों में छुपी रहती।
तेरे बिना ये सपने अधूरे लगते हैं,
तू हो तो ख्वाब भी पूरे लगते हैं।

तेरी यादें मेरे ख्वाबों का हिस्सा हैं,
तू ही है मेरी हर रात की सच्ची कस्मा।
तेरे बिना नींद भी रुसवा हो जाती,
तेरे ख्यालों में ही ये आँखें सो जाती।

हर सपना तेरी तस्वीर से सजा है,
तेरे बिना हर रात मुझे अधूरा लगा है।
तू ही है मेरी आँखों का ख्वाब,
तेरे बिना हर लम्हा लगे जैसे बिखरा आब।

अब तो तेरे ख्वाबों में ही सुकून पाता हूँ,
तेरी दुनिया में ही खुद को मैं पाता हूँ।
तू ही है मेरे सपनों का सवेरा,
तू ही है मेरे प्यार का बसेरा।


This version expands the feelings of love experienced through dreams, where the beloved is ever-present, giving solace and meaning to every dream and night.

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