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समय कहा - Samay Kahan

समय कहा!




हर रोज़ इन्टरनेट पे chatting करते है
मगर दोस्तों से बात करने की फुर्सत कहा,
मोबाइल पर लम्बे फ्रेंडशिप के sms होते है
मगर दोस्तों से मुलाकात करने का समय कहा!


orkut facebook twitter में दोस्ती की लम्बी चौड़ी लिस्ट है
मगर किसी सच्चे दोस्त की तलाश अभी भी होती है,
इतना समय बर्बाद करते है हम networking पर
मगर घरके पास के दोस्तों का मिलने का समय कहा!


हमेशा busy दिखाते है खुदको
चाहे काम हो या ना हो,
लेकिन दोस्तोंने अगर मदत के लिए पुकारा
तो उसको देने के लिये समय कहा!


हम खुदको दुसरो से ज्यादा जरुरतमंद समझते है
इसलिए खुदके problem  बड़े लगते है,
रोज़मर्रा के life में ऐसे फसे है
के आजूबाजू देखने का समय कहा!




पैसा हो कार हो एक घर हो बहोत बड़ा
इन्ही सपनो के पीछे दौड़ते है,
दोस्त अगर बीमार हो तो उसको
सिर्फ मोबाइल पर ही खर्रियत पूछते है,


दोस्तों के साथ पार्टी करना बहोत अच्छा लगता है
क्यू की तब उसके पास दोस्ती का वास्ता है,
जब हम दुसरे शहर में जाते है और
वही दोस्त दूर हो जाता है!


कहने को तो हजार दोस्त है
मगर फिर भी तनहा है,
क्यों की हमारी सोच  कभी यहाँ
तो कभी वहा है!


सबसे contact बनाये रखते है
ताकि कोई छुट ना जाये,
लेकिन जिंदगी में उनसे मिले
ऐसी अच्छी किस्मत कहा!

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